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प्रेमिका से मिलने पर जब लगी रोक तो, फंदे पर झुला प्रेमी..

बेतिया: प्रेमिका से मिलने-जुलने व उसपर खर्च की पाबंदी लगाने से नाराज 21 साल के कुमार अविनाश ने आत्महत्या कर ली है. घटना शहर के बानूछापर जगदंबानगर की है. अविनाश कम्प्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद घर में चल रहे दुकान में सहयोग करता था. गुरूवार की सुबह अविनाश का शव उसके कमरे से फंदे से झूलता मिला. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी गई है. परिजनों ने सीधे तौर पर आत्महत्या को प्रेम प्रसंग से जोड़ा है. पुलिस भी मामले को प्रेम प्रसंग का मानते हुए तफ्तीश शुरू की है.

प्रेमिका से मिलने पर जब लगी रोक तो, फंदे पर झुला प्रेमी.. 1

जानकारी के अनुसार, कुमार अविनाश का बीते कुछ दिनों से उसके परिजनों से मनमुटाव चल रहा था. परिजनों को अविनाश की पड़ोस की एक युवती से प्रेम संबंध पर पहले से ही ऐतराज था. परिजन उसे बार-बार युवती से दूर रहने की सलाह देते थे. परिजनों की यह सलाह सख्ती में उस समय बदल गई, जब परिजनों को पता चला कि कुमार अविनाश ने अपनी प्रेमिका के लिए करीब दो लाख रूपये की आनलाइन शापिंग कर ली है. इसके बाद तो परिवार में कलह मच गई.
 

परिजनों ने कुमार अविनाश के घर से बाहर जाने और प्रेमिका से मिलने-जुलने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है. यहां तक कि बीते पांच दिनों से उसका सेलफोन भी परिजनों ने रख लिया था. इसको लेकर अविनाश काफी तनाव में था. इधर, गुरूवार को परिजन कुमार अविनाश को लेकर बैंक जाने की तैयारी में थे. जहां से ऑनलाइन शापिंग व अन्य खर्च के स्टेटमेंट निकालने की बात हो रही थी. लेकिन, इससे पहले ही अविनाश ने अपने कमरे से जाकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली.

अच्छे पर्सनालिटी का था अविनाश, सुबह दोस्त आये थे मिलने : कुमार अविनाश देखने में काफी स्मार्ट और अच्छी पर्सनालिटी का था. पढ़ने में भी वह अच्छा था. लेकिन युवती से प्रेम संबंध होने के बाद वह उससे दूर जाने को तैयार नहीं था. लिहाजा बीसीए करने के बाद परिजनों ने उसे डॉक्टरी की तैयारी के लिए भेजा था, लेकिन वह वहां से लौट आया और घर पर ही रहता था. पिता ने बताया कि गुरुवार की सुबह उसके दो दोस्त घर पर उससे मिलने आये थे.

नाश्ता के बाद कमरे में गया था अविनाश

कुमार अविनाश बीसीए कर चुका था. फिलहाल वह घर पर ही रहकम मकान में चल रहे दुकान में सहयोग करता था. भले ही परिजनों ने प्रेमिका से मिलने-जुलने पर पाबंदी लगा दी थी, लेकिन अविनाश से स्वभाव से नहीं लग रहा था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा. लिहाजा परिजन उससे बस उस युवती को भुलने के लिए दबाव दे रहे थे. बेटे की मौत के बाद हॉस्पिटल पहुंचे अविनाश के पिता एलआइसी कर्मी रूपनारायण ठाकुर ने बताया कि गुरूवार को अविनाश सुबह उठने बाद नहा-धोकर तैयार हो गया. वह उनके साथ ही बैठकर नाश्ता किया. इसके बाद वह बेटे को लेकर बैंक जाने की तैयारी में जुट गये.

अविनाश भी नाश्ता करने के बाद अपने कमरे में तैयार होने की बात कहकर गया. लेकिन, काफी देर बाद भी कमरे से वापस नहीं आया. पहले तो परिजनों ने उसे आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर सभी उसके कमरे के पास पहुंचे तो दरवाजा बंद मिला. इसके बाद अनहोनी की आशंका पर पुलिस को सूचना दी गई तो उसका शव फंदे से लटकता मिला।।

स्रोत: प्रभात खबर

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