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कब सुनेंगे स्थानिये साँसद और विधायक?..फिर से आक्रोशित हुए बेतियावासी।

कब सुनेंगे स्थानिये साँसद और विधायक?..फिर से आक्रोशित हुए बेतियावासी। 1

बेतिया: बेतिया में समाजिक स्तर की समस्याओं में से एक छावनी ओवरब्रिज की ऐसी व्यक्तिगत समस्या हैं जो नासूर बन चुकी हैं। और एक ऐसी मांग जिसे हर बेतियावासी कुर्सी पर बैठे नेताजनों से समाधान की मांग करती आई हैं, पर फिर भी स्थानिये नेतागण इसपर मौन किये हुए हैं।

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बेतिया का छावनी!! एक ऐसी जिससे हर चम्पारणवासी भलिभांति परिचित हैं। छावनी के नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले ओवरब्रिज, भीड़, जाम, देरी से पहुँचना, दुर्भाग्यपूर्ण मासूमों की मौत, इत्यादि आता हैं।
जाम और भीड़ को हम एक लिहाज से सहनिये मान भी ले पर जाम के वजह से हो रहे दुर्भाग्यपूर्ण मासूमो की मौते..??
ये तो असहनिये हैं,

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हाल में ही एक व्यक्ति की जान फिर से छावनी जाम में फँस ट्रैक पर गिर कट जाने के वजह से गयी। और कारण वही पुरानी वाली छावनी जाम और ब्रिज ना होना..ये बात इस बार बेतियावासियों पर कुछ खास असर नहीं की, क्यूंकि मरने वाला ना ही हमारा रिश्तेदार हैं ना ही परिवार वाला.. हर कुछ दिनों में एक के बाद एक जाने छावनी जाम के वजह से जा रही हैं और यहाँ हमेशा हमलोगों को सुनने में आ रहा हैं। अब जो ये रोज का मौते छावनी में हो रही हैं, उससे काफी हद्द तक हमलोगो में उस जूनून को कम कर दिया हैं जिससे छावनी ओवरब्रिज का आवाज उठा सके..

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पिछले 2जनवरी को समाजिक सेवा दल द्वारा छावनी ओवरब्रिज के लिए आँदोलन हमारे नेतागण पर तो नहीं पर प्रशासन पर असर किया, और प्रशासन ने जाम से निजात देने का आश्वासन भी दिया था। कुछ दिनों पहले प्रशासन द्वारा छावनी में लगाये गये अतिक्रमणियों पर लाठी चलाई गयी और वहाँ से अतिक्रमणियों को हटाया भी था। पर उसके कल से फिर कुछ कम दिमाग लोगो ने रोड पर अपना व्यासाय लगा लिया। जिसपर प्रशासन का कोई कार्यवाई नहीं हुई..
फिर बीच के दिनों में ये दर्दनाक हादसा हुआ और एक मासूम की मौत हो गयी।
कल दिनाँक 29जनवरी को प्रशासन ने एक बार फिर छावनी चौक से लेकर हरिवाटिका चौक तक के सारे  अतिक्रमणियों को हटाया, और उन्हें सख्त चेतावनी भी दी के इसके बाद अगर सड़क अतिक्रमण किये तो उनपर क़ानूनी कार्यवाई की जाएगी।

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                   आज दोपहर में सीपीआई के लोगो ने फिर से छावनी ओवरब्रिज की मांग की, और भरी संख्या में स्थानिये लोगों ने भी विरोद्ध में छावनी ट्रैक को जाम किया और घंटो तक ट्रेने रोके जिसके बाद प्रशासन ने आकर लोगो को समझा बुझा कर हटाया..लोगो ने स्थानिये विधायक मदन तिवारी और सांसद संजय जयसवाल के प्रति अपनी गुस्से को काफी उग्र तरीके से प्रदर्शित भी किया।
पर अफ़सोस..इतने दिनों में इतने सारे बेवजह मासूमो की मौतों और लोगो द्वारा की जा रही छावनी ओवरब्रिज के मुद्दे पर अभी तक हमारे प्रियतम सांसद जी और विधायक जी मौन ही हैं।

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Written by Md Ali

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