माँ काली मन्दिर से जुडी इतिहास एवं तथ्य, जाने!!

By: Md Ali

On: December 21, 2016

माँ काली मन्दिर से जुडी इतिहास एवं तथ्य, जाने!! 1

 बेतिया: माँ काली मंदिर बिहार के सबसे प्रशिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है।यहाँ का साफ-सुथरी वातावरण लोगो को अपनी तरफ आकर्षित करती है।विभिन्न त्योहारो जैसे- रामनवमी, दशहरा,महाशिवरात्रि तथा छठ पूजा के अवसरों पर हजारो संख्या में भक्तजन यहां पर पूजा करने जाते है।

माँ काली मन्दिर से जुडी इतिहास एवं तथ्य, जाने!! 2

मंदिर के बीचो-बीच स्थित तालाब इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देती है।हर संध्या यहाँ सैकड़ो लोगो का हुजूम लगा रहता है, काली बाग़ द्वार पर स्तिथ चापाकल की पानी काफी शुद्ध मानी जाती है।अगर किसी व्यक्ति को सभी देवी-देवताओ की प्रतिमाओ की पूजा करना है तो उन्हें काफी वक़्त बिताना पड़ेगा।

यह मंदिर 10 एकड़ में फैला हुआ है जिसमे 4 एकड़ मंदिर भवन है और बाकी 6 एकड़ मंदिर की ग्राउंड है।इस मंदिर की स्थापना 400 साल पहले लगभग 1614 ई॰ में शाही परिवार के महाराज हरिश्चन्द्र के द्वारा की गयी थी।इस मंदिर में मुख्य देवी माँ काली को मन जाता है।

माँ काली मन्दिर से जुडी इतिहास एवं तथ्य, जाने!! 3

काली मंदिर छोटे छोटे मंदिरो में 5 खंडो में विभाजित है।सभी खंडो में मुख्य देवी-देवताओ की प्रतिमाये है।
माँ काली की पवित्र स्थान दक्षिण में स्थित है जहाँ ” चतुर्भुजी माँ काली ” की प्रतिमा है।ऐसा कहा जाता है की दीयावो की स्थापना 108  नर-खोपड़ी पर की गयी थी।मंदिर की बायीं स्थान पर ”तारा माता” की प्रतिमा है और दायीं स्थान पर ”महाकाल भैरव” की प्रतिमा है।दीयां के बायीं ओर ”छिनमस्तिका” तथा ”त्रिपुरासुंदरी” की प्रतिमाएं है जबकि दायीं ओर ”महालक्ष्मी” तथा ”भुवनेश्वरी” की प्रतिमाएं है।

पवित्र स्थान के बाहर बरामदा में ”गणेश” और ‘बटुक-भैरव” की प्रतिमाएं है।माँ काली, नव-दुर्गा, दस-महाविद्या, अष्ट-भैरव तथा काल-भैरव की मंदिरे जो मुख्य खण्ड का निर्माण करती है,जहाँ माँ काली की भव्य प्रतिमा है। ”माँ काली सेवा विवाह समिति” के अध्यक्ष ”बिहारी लाल साहू” के अनुसार ”दस-महाविद्या” मंदिर में 10 देवताओ की प्रतिमा है तथा ”नव-दुर्गा” मंदिर में माँ दुर्गा की 9 प्रतिमाएं है। माँ काली मंदिर की महत्व यह हैं की इसकी 56 भुजाये है तथा 5 मुख है।”चतुर्थ षष्ठ योगिनी” एवं ”महाकाली” मंदिर दूसरे खंड में आती है जिसमे 74 योद्धाओ की मुर्तिया है जिन्होंने माँ दुर्गा से युद्ध किया था।अष्ट माता(आदि शक्ति) की 8 प्रतिमाएं यही स्थित है।इस खंड की मुख्य मूर्ति ”उग्रतारा” है। तीसरे खंड की मंदिरो में ”दशावतार” मंदिर मुख्य मंदिर है जिसमे 24 देवी-देविताओ की प्रतिमाएं है जिनमे पंच-गंगा,विष्णु-गरुड़,विनायक गणेश के साथ रिद्धि-सिद्धि की प्रतिमाएं शामिल है, जिसमे मुख्य प्रतिमा ”राधा-कृष्ण” की है।इसी मंदिर में भगवान ”महामृत्युंजय महादेव” की आदर्श प्रतिमा है!

चौथे खंड में ”एकादशरुद्र”,”दशौदीर्घपाल”,”पतितपावनेश्वर महादेव” तथा ”पाशुपतिनाथ” की मंदिरे स्तिथ है।पाशुपतिनाथ मंदिर की प्रतिमा काठमांडू में स्थित पाशुपतिनाथ मंदिर की अनुकृति है।इस मंदिर की मुख्य प्रतिमा ”हरात्मक महादेव” की है। पांचवे खंड में ”द्वादश कला सूर्य नारायण”,”नौ ग्रह,”नौ महादशा” तथा ”श्याम कार्तिक महाराज” की मंदिर स्थित है।
लेखक : Rajat Kumar

Related Post

Bettiah Nagar Nigam

Population of Bettiah

Bettiah Pin Code

Bettiah Wise Mayor

Saurabh Kumar MLC

Bettiah MLC

Subscribe
Notify of
guest

0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x