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वार्ड पार्षद चुनाव…कहीं फिर 5साल पछताना ना पड़े।।

बेतिया: शहर में अपने इन दिनों चुनाव का मौसम चल रहा हैै इस तपती मौसम में चुनाव की गर्मी ने शहर कि तापमान काफी बढ़ा दि है शहर के हर चौक चौराहे गलियां रोड पुल खंबे बस आगामी वार्ड पार्षद चुनाव के गवाही दे रहे हैं पार्षद का उम्मीदवार से लेकर आम वोटर भी आजकल इस चुनावी माहौल से खुद को दूर नहीं कर पा रहे हैं दूर करें भी तो क्यों आखिर उनके अपने वार्ड अपने शहर की फिक्र है।
                                     
                            उम्मीदवार नया-नया वादे कर रहे हैं नया-नया लुभावनी बातें कर रहे हैं वार्डाें की तरक्की का दावे कर रहे हैं और एक बार फिर हम सारे बेतिया वासी इस चुनावी बातों में आकर ठगे जाएंगे।।
   

वार्ड पार्षद चुनाव...कहीं फिर 5साल पछताना ना पड़े।। 1

          पर जरा रुकिए अपने दिमाग को 5 साल पहले पीछे ले जाइए और फिर सोचिए की आज जो दावे वादे हमारे उम्मीदवारों द्वारा किया जा रहा है क्या वह सारी बातें 5 साल पहले नहीं की गई थी।
हल्का सा दिमाग पर जोर देने से यह याद आया कि 5 साल पहले ऐसे ही वार्ड पार्षद के चुनाव के दौरान हमारे उम्मीदवारों द्वारा साफ सड़के पक्के नाले गंदगी से मुक्त नाले स्ट्रीट लाइट मच्छर से छुटकारा कूड़ा फेंकने का सहुलियत , इत्यादि यह सारे वादे जो आज हो रहे हैं वह पिछले साल भी उम्मीदवारों द्वारा वादे किए गए थे।।
इस पर एक उदाहरण  देना चाहूंगा..

एक  शर्ट खरीदने को जाते हैं तो उसकी अच्छी खासी जांच करते कपड़ा का क्वालिटी कैसे हैं कलर कैसा है पहनने में कैसा लगेगा इसका कलर टिकेगा जल्दी चला जाएगा और जब सबने वह पास कर जाए फिर भी हम अपने किसी दोस्त का घर वाले का भी राय लेते हैं कि यह कपड़ा लेना सही होगा या नहीं और अगर वह सामने वाला ने जरा सा भी ना-नुकुर किया फिर हम दूसरे दुकान पर दूसरा शर्ट देखने लगते हैं।


मानी के ये जब हम अपने एक पहनने वाले शर्ट के लिए अच्छी खासी पड़ताल करते हैं। फिर जब बात हमारे रहने वाले घर के पास वाले रोड नालो साफ सफाई की हो फिर हम ज्यादा नहीं सोचते।
हम  नहीं देखते के वो इंसान कैसा है?
पढ़ा लिखा भी है या नहीं
कोई क्रिमनल केस तो नहीं।
    जिसे हमें बदलना चाहिए और वैसे उम्मीदवार को हमें वोट करना चाहिए जो वाकई में हमारे वार्डो को हमारे शहर को वैसा बनाने में सहयोग दें जैसा के हम सब चाहते हैं,
एक साफ सुथरा, हरा भरा शहर।
इस बार वोट उस उम्मीदवार को ही दे, जो आपके मोहल्ले/वार्ड/शहर के लिए कुछ कर सके। वोट उसे ही दे जो 5साल कोसने का मौका ना दे।
आप एक वोटर हैं, आपको अपने वार्ड/शहर को कैसा देखना हैं ये आपके हाथों में है। वोट जरुर दे पर वोट उसे ही दे जो 5साल विकाश कर सके।।

हमारी एक मित्र ने कुछ निम्न बातें बताई थी, अगर ये सारे वार्ड पार्षदों द्वारा कराई जाएं। तो बेतिया का नाजारा कुछ और होगा।।



● घर के कचड़ो को रोड़ और पास के नालियों में ना फेकें (अब बेतिया में हर वार्ड्स में ये सुविधा दी गयी हैं के वहाँ के नागरिक कूड़े कचड़ो को डस्टबिन में फेंक सके, और कुछ वार्डस में तो सुबह कूड़े उठाने के लिए घर पर ही पहुँच जाते हैं।)

● अगर हमारे बेतिया के हर वार्ड्स पार्षद, नालियों को सही समय पर सफाई करें और साथ ही नालियों में D.O.T का छिडकाव करवाएँ तो शहर में मच्छरों से काफी हद्द तक राहत मिलेगी।

● हमारे शहर के रोड़ो पर झाड़ू लगता तो हैं पर ये नियमित नहीं रहता, मनमौजी में होते हैं जो भी इसके मजदूर होते हैं। अगर हमारे शहर के हर वार्ड्स में नियमित रूप से हमेशा सड़को पर झाड़ू लगे तो हमारा बेतिया काफी आकर्षक हो सकता हैं।

● प्रत्येक वार्ड्स पार्षद को अपने वार्ड्स के हर उस जगह डस्टबिन की डब्बे रखवाना चाहिए जहाँ उसकी जरूरत हो, ताकि स्थानिये निवासी यत्र-तत्र गंदगी ना फेंके और जो ऐसा करें उसपर कुछ जुर्माना तरह का हो।

● अपने बेतिया शहर में ज्यादा तो नहीं पर जो भी सार्वजनिक चीजे हैं जैसे के पार्क, शहीद पार्क, तलाब इत्यादी चीजे/जगहों की रख-रखाओ में ध्यान हो।

● अनआवश्यक नालों/इत्यादि को भर कर बेतिया को साफ़ सुंदर बनाने में अहम योगदान दिया जा सकता हैं। 

● बेतिया के कुछ वार्ड्स में स्ट्रीट लाईट्स लगी हैं पर हर वार्ड्स में नहीं लगी, तो अगर हर वार्ड्स पार्षद अपने वार्ड के सडको के किनारे ये लाईट्स लगवाएँ तो बेतिया इससे काफी आकर्षित दिखेगी।

● सागर पोखरा, उत्तरवारी पोखरा और संत घाट की नदी की देखभाल कर के, अधिक्तर देखा जाता हैं के ये 3नों पोखर/नदी ज्यादातर समय गंदगी से लीन रहती हैं। जबके ये तीनों बेतिया के बहुत ही बड़े धार्मिक स्थल होते हैं। छठ वगैरह के समय में।

● संत कबीर चौक, हरीवाटिका चौक, तीन लालटेन चौक, अर्थात अपने बेतिया के मेजर जगहों पर फव्वारों/लाईट्स/या ऐसी चीज जो देखने में आकर्षित लगे वो लगने चाहिए।
हमारे पूर्व DM श्री अभय कुमार सिंह द्वारा ऐसी चीजे बेतिया में लगाई गयी तो थी, पर कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा तथा सही से देखभाल ना होने के कारण वो गायब हो गयी। फिलहाल अपने नजर पार्क और धर्मशाला में ये सब चीजे उपलब्ध तो हैं पर उनपर भी किसी प्रकार का खास ध्यान नही होता।

● शहर को साफ़ सुंदर हरा तथा आकर्षित बनाने हेतु नगरपालिका को कुछ कठोर नियम बनाने चाहिए।

● मीना बजार, लाल बजार, शोवा बाबु चौक, हरिवाटिका चौक, इत्यादि जैसे जगहों को कुछ चौड़ा करने के लिए नगर पालिका को काम करने चाहिए।

● शहर में ट्रैफिक पुलिस को हर जरूरी जगह लगाकर।

● शहर के आसपास को रोड़ो को 2लेन या 4लेन बनवा कर।

तथा हमारे विधायक और साँसद को मिलकर छावनी ओवरब्रिज बनवाने से भी शहर को सुंदर तथा आकर्षित दिखा सकते हैं।।

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Written by Md Ali

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पासपोर्ट कार्यलय, छावनी ओवरब्रिज, रेल डबललाइन, आदि.. बेतिया चला विकाश की राह।।

चाचा चाची के लिए दिन रात एक किए हुए हैं। नगर निकाय चुनाव में नगर में आचार संहिता की खुलेआम धज्जियां..