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मोतिहारी के व्यवसायी की अपहरण के बाद हत्या का मामला, 20 लाख रुपये की दी थी सुपारी

बेतिया: मोतिहारी के व्यवसायी अमित कुमार के अपहरण-हत्याकांड में गिरफ्तार अपहर्ता अविनाश यादव की निशानदेही पर शनिवार को भी पुलिस शव की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी करती रही. 
मोतिहारी के व्यवसायी की अपहरण के बाद हत्या का मामला, 20 लाख रुपये की दी थी सुपारी 1
     इधर, अविनाश के स्वीकारोक्ति बयान में सामने आये अपराधियों की खोज में उनके संभावित ठिकानों पर भी छापामारी जारी रही. गिरफ्तार अविनाश ने पुलिस को दिये गये स्वीकारोक्ति बयान में अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के नामों का भी खुलासा किया है. जिसमें जाकिर अली तो पूर्व से जेल में ही है. वहीं लालबाबू, उसकी पत्नी अंजली, चंकी पांडेय, अविनाश एवं नन्हकी उर्फ अनूप कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
इधर पुलिस अब शाहीद अली, शारदानंद यादव उर्फ छोटू, कन्हैया कुमार व गोलू की खोज भी कर रही है.
     गिरोह के नेतृत्व कर्ता के रुप में विजय यादव का भी नाम सामने आया है. पुलिस उसे भी पकड़ने के लिए सघन छापेमारी कर रही है. विजय दो दिन पूर्व ही जेल से जमानत पर छूट कर आया है. पुलिस को दिये गये स्वीकारोक्ति बयान में अविनाश ने बताया कि है कि उसके ही गांव के शारदानंद यादव से उसका साठगांठ है. शारदानंद यादव उर्फ छोटू का पहले से जान पहचान जेल में बंद जाकिर अली से है. शारदानंद यादव जाकिर अली तथा विजय यादव के कहने पर अपराध करता है. 
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    उसने बताया है कि शारदानंद यादव के द्वारा ही चंकी पांडेय, नन्हकी उर्फ अनूप, मुनीलाल साह, शाहीद से जान पहचान करायी गयी. अच्छा पैसा कमाने का लालच देकर शारदानंद ही उसे भी गिरोह में शामिल करवाया. उसने बताया है कि बानूछापर के रेलवे रैक प्वाइंट के पास अंजली नाम की लड़की डेरा लेकर रहती थी और देह व्यापार का भी धंधा करती थी. उसके पास चंकी पांडेय, मुनीलाल साह, शारदानंद यादव शाहीद अली और नन्हकी आते-जाते थे. उसे भी यहां ले जाने लगे. अंजली का संपर्क बड़े लोगों से था. देह धंधा के लिए वह मोतिहारी व मुजफ्फरपुर भी जाती थी. विजय यादव तथा जाकिर अली फोन कर शारदानंद तथा शाहीद को बोले कि रक्सौल में एक कीमती जमीन है. मोतिहारी का एक आदमी है. यह बानूछापर में उसके पास आता है. अंजली भी मोतिहारी में उसके पास जाती है. उसे औरत को मैनेज कर उस आदमी को बेतिया बुलावाना है. उसके बाद शारदानंद यादव तथा शाहीद और चंकी पांडेय, नन्हकी आदि सभी मिलकर लालबाबू सिंह को रुपये का लालच देकर तैयार किये. बात करने के लिए चोरी का मोबाइल एवं सिम चंकी पांडेय ने दिया. अंजली उसी सिम से मोतिहारी वाले आदमी से बात करने लगी. 28 नवंबर को बेतिया शहर में बस स्टैंड के पास अंजली से मिलने आने के लिए बोला. 
   उसके बाद गिरोह के सभी लोग बस स्टैंड के पास शाम में इंतजार करने लगे. करीब सात बजे शाम में वह काले रंग की बुलेट बाइक से आया. अंजली उसके साथ बैठकर हजारी की तरफ जाने को बोली, तो वह उसे बैठाकर यात्री शेड के रास्ते जाने लगा. जैसे ही वह निकला कि गिरोह के सभी लोग मिलकर उसे अपने कब्जा में ले लिये. इस क्रम में उसे लेकर नौरंगाबाग में मुनीलाल साह के खाली डेरा में चले गये. वहीं पर उस आदमी को सूई देकर बेहोश कर दिया. अंजली तथा लालबाबू को बोले कि यदि यह बात तुमलोग कहीं कहोगे, तो तुम दोनों को जान से मार देंगे. काम होने पर तुम लोगों को पैसा मिल जायेगा. 
मोतिहारी के व्यवसायी हत्याकांड  में कई नामचीन व सफेदपोशों  का नाम भी आया सामने
गिरोह के सरगना व अन्य सदस्यों की तलाश में कई संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस कर रही छापेमारी

अन्य आरोपितों के पकड़ाने पर पता चलेगा कहां छिपाया है शव
जेल में बंद विजय यादव तथा जाकिर अली फोन से शारदानंद यादव से बोले कि काम हो जाने पर बीस लाख मिलेगा. जब रात हुई तो सागर पोखरा से एक उजला रंग का बोलेरो भाड़ा पर कन्हैया व गोलू, मुन्नीलाल साह के डेरा पर लेकर आये. बेहोशी की हालत में ही बोलेरो पर बैठाकर बैरिया के मन की तरफ आये. बोलेरो में हीं शारदानंद यादव तथा शाहीद, चंकी पांडेय व मुनीलाल साह बैठे. बुलेट बाइक अविनाश ने ले लिया तथा दूसरा मोटरसाइकिल नन्हकी लेकर आगे आगे चलने लगे.
तुमकडि़या चौक के पास पहुंचकर वहीं पर गला दबाकर मोतिहारी के आदमी की हत्या कर दी गयी तथा शव को एक बोरा में रख दिया गया. शव को मोटरसाइकिल पर लाद कर शारदानंद यादव तथा शाहीद मन के तरफ ले गये. नन्हीं तथा अविनाश बोलेरो चालक चौक पर ही रुक गये. शव को मन में फेंकने के बाद शारदानंद यादव व अविनाश बुलेट से वापस बेतिया आ गये. इधर बुलेट बाइक को हजारी में झाड़ी में छिपाकर वापस आने के दौरान ही  पुलिस ने उसे धर दबोचा. 

अविनाश ने स्पष्ट किया है कि शारदानंद, शाहीद एवं मुन्नीलाल साह के पकड़ाने के बाद ही शव के बारे में पता चल सकता है. बुलेट गाड़ी को छिपाने में रामू यादव ने भी मदद किया था,- 

मोतिहारी के अगवा व्यवसायी की बाइक हजारी से हुआ था बरामद 

बेतिया: बेतिया से अगवा मोतिहारी के व्यवसायी अमित कुमार की बाइक पुलिस ने छापेमारी कर बुधवार की देर रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हजारी पशु मेला ग्राउंड से बरामद की थी. बरामद बुलेट मेला ग्राउंड में झाड़ी में छुपा कर रखी गयी थी, जबकि अपराधियों की निशानदेही पर व्यवसायी का शव खोजने के लिए पुलिसिया कार्रवाई तेज कर दी गयी है. पुलिस बैरिया व श्रीनगर थाना क्षेत्र के दियारे में शव बरामदगी को लेकर चला रही है. 
नगर थानाध्यक्ष नित्यानंद चौहान के नेतृत्व में बेतिया पुलिस की विशेष टीम व्यवसायी के शव फेंके जाने के संयुक्त ठिकानों पर अभियान चला रही है. व्यवसायी अमित की हत्या का खुलासा बुधवार की संध्या नगर पुलिस के हत्थे चढ़े अपराधी मुफस्सिल थाना के पर्वतीया टोला निवासी अविनाश यादव ने किया था. मंडल कारा सूत्रों की मानें तो व्यवसायी को अपराधियाें ने बस स्टैंड के पीछे बुला कर एक गाड़ी मे बैठा लिया, उसके बाद उसकी बाइक को झाड़ी में ले जा छुपा दिया. 

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गाड़ी से व्यवसायी को गंडक नदी के किनारे ले जाकर हत्या कर दी गयी. शव को बोरे में रख कही फेंक दिया गया. घटना के बाद कुख्यात जाकिर अली के शागिर्द नन्हकी ने बानुछापर में जाकर ‘हनी ट्रैप’ में व्यवसायी को फंसाने वाली महिला अंजली देवी तथा उसके पति लालबाबू सिंह को धमकी दी. नन्हकी ने उसके बेटे का गला दबा कर कहा कि हत्या का राज नहीं खुलना चाहिए. अगर राज खुल गया तो तुम्हारे बेटे की हत्या कर दी जाएगी. पुलिस के अनुसार हत्या करने में मंडलकारा में बंद शातिर जाकिर अली का भाई शाहीद अली व परवतिया टोला का अविनाश यादव शामिल था.  
क्या हैं पूरा मामला 
28 नवंबर को बेतिया बुला कर व्यवसायी को किया गया था अगवा, मोतिहारी के छतौनी थाना के बरियारपुर में आकंक्षा इंटर प्राइजेज के नाम से गाड़ी का सर्विसिंग सेंटर चलाने वाले व्यवसायी अमित कुमार 28 नवंबर  को अपराधियों ने फोन कर बुलाया था. अपराधियों के बुलावे पर व्यवसायी अपने बुलेट बाइक से बेतिया के लिए निकले. जबकि अमित ने परिजनों को बताया था कि स्टॉफ खोजने के लिए वह बेतिया जा रहा है.
बेतिया बस स्टैंड के पास पहुंचने पर व्यवसायी ने अपने मोबाइल नंबर 8051999817 तथा 8340171725 से परिजनों को फोन किया. 
    बताया था कि बस स्टैंड में वह है. स्टाफ का इंतजार कर रहा है. देर शाम में उसने अपनी पत्नी को फोन कर कहा कि रात हो गई है. इसलिए एक होटल में रुम बुक कर रहा गया है. इसके बाद व्यवसायी का मोबाइल बंद हो गया. तब इस मामले में अमीत के भाई विनित कुमार ने नगर थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था.

 व्यवसायी का शव बरामद करने  में पुलिस को नहीं मिली सफलता बेतिया रेलवे स्टेशन के पास से अपहरण कर अपहर्ताओं ने हजारी में व्यवसायी को सूई देकर किया था बेहोश

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