मुजफ्फरपुर बालिका गृह की पीड़ित बेतिया की लड़की के साथ चलती कार में गैंगरेप। संत घाट इलाके में अपराधी घुमाते रहे गाड़ी

बेतिया: मुजफ्फरपुर शेल्टर होम (Muzaffarpur Shelter Home) से छुड़ाई गई लड़की को अगवा (kidnapping) कर पश्चिमी चंपारण (West Champaran) के बेतिया (Bettiah) में चार लोगों द्वारा गैंगरेप (Gangrape) करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. रविवार को लड़की को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मुजफ्फरपुर बालिका गृह की पीड़ित बेतिया की लड़की के साथ चलती कार में गैंगरेप। संत घाट इलाके में अपराधी घुमाते रहे गाड़ी 2

लड़की को आईसीयू में भर्ती कराया गया हैं। जहाँ उसके स्थिति चिंताजनक बनी हुई हैं। बताया गया कि युवकी मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की भी पीड़िता रही हैं। उसके परिजनों मो सात लाख रुपये मुआवजा मिल चुका हैं।

मुजफ्फरपुर बालिका गृह की पीड़ित बेतिया की लड़की के साथ चलती कार में गैंगरेप। संत घाट इलाके में अपराधी घुमाते रहे गाड़ी 3

बेतिया शहर के पुलिस स्टेशन के एसएचओ शशि भूषण ठाकुर ने कहा कि लड़की को शनिवार शाम एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. रविवार को डॉक्टरों की एक टीम ने उसका मेडिकल परीक्षण किया. मेडिकल जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही रेप की पुष्टि की जाएगी.
बेतिया नगर थाने में दर्ज शिकायत में लड़की ने आरोप लगाते हुए बताया कि जब वो अपने एक रिश्तेदार के घर सोने जा रही थी, उसी वक्त चार लोग उसे जबरन अपनी गाड़ी के अंदर ले गए। पीड़ि‍ता ने बताया कि उसके साथ चलती गाड़ी में रेप किया गया। युवक गाड़ी को शहर के नया टोला, संत घाट, किशुन बाग़, आदि इलाको में घुमाते रहे फिर पीड़िता को लाकर उसके मोहल्ले में छोड़ गए।
सभी आरोपी अपने चेहरे ढके हुए थे. हालांकि, गाड़ी में दो लोगों के चेहरे से नकाब उतर गया, जिससे उसने दोनों को पहचान लिया, जो भाई थे. पीड़िता के मुताबिक, सभी युवक एक ही परिवार के हैं।

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बता दें कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टीआईएसएस) की रिपोर्ट के बाद पिछले साल मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में 30 से ज्यादा लड़कियों के साथ यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया था. इस मामले में 31 मई 2018 को मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर सहित 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. 26 जुलाई 2018 को राज्य सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी थी.
वहीं, मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश सरकार को फटकार लगाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को बिहार की सीबीआई अदालत से दिल्ली के साकेत कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था.

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