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बरसात से पहले सफाई के लिए खरीदा गया डस्टबिन। जल्द ही हर वार्ड में लगेंगे इतने

बेतिया: नगर परिषद द्वारा खरीद की गई डस्टबिन पहुंच चुकी है। जिसे नगर के सभी वार्ड में लगाया जाएगा। इससे सफाई व्यवस्था बनाये रखने में मदद मिलेगी। लोग अपने घरों से निकलने वाले कूड़ा व कचरे को इसमें डाल सकेंगे। जहां से नगर परिषद के कर्मियों के द्वारा उठाव आसानी से कर लिया जाएगा। साथ ही इसे कचरा रखने के प्वाइंट पर आसानी से पहुंचा दिया जाएगा। बता दें कि नगर परिषद पूर्व से ही प्रयासरत है कि लोग अपने घरों व प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कूड़ा कचरा को डस्टबिन में डाले। वही सूखा व गीले कचरे को अलग अलग रखे। 
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इससे उठाव में आसानी होगी। नगर परिषद के पदाधिकारियों का यह भी कहना है कि अगर लोग अपने घरों के गीले कचरे को अपने घर के पीछे या अन्य किसी सुरक्षित जगहों पर रखे तो इससे उन्हें ही फायदा होगा। आसानी से कंपोस्ट तैयार होंगे। जिसका उपयोग कृषि कार्य में किया जा सकता है। इधर नगर परिषद के द्वारा भारी पैमाने पर डस्टबिन की खरीद की गई है। ताकि कचरा को आसानी से सुरक्षित स्थान पर रखा जा सके। साथ ही लोग नाली व सड़कों पर कचरा रखने के बजाय डस्टबिन में डालें। इसी उद्देश्य से डस्टबिन की खरीद की गई है। 
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अब शीघ्र ही इसे नगर के कुल 39 वार्ड में लगाने की योजना है।

नगर परिषद में सामानों की खरीद में की गई गड़बड़ी

नगर परिषद के द्वारा सामानों की खरीद में करोड़ों रुपए की गड़बड़ी करने का आरोप है। इस बावत कुछ वार्ड पार्षदों ने राज्य सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को एक पत्र भेजा है। जिसमें इसका खुलासा किया गया है। आरोप है कि छह सौ की दर से पचास हजार डस्टबीन की खरीद की गई है। जिसकी राशि तीन करोड़ है। जबकि मात्र एक करोड़ की राशि में डस्टबीन खरीदी जा सकती थी। पोल सहित एलईडी लाइट 26900 की दर से खरीद की गई है। इसकी बारह सौ पीस खरीद की गई है। यह खरीद करीब तीन करोड़ 23 लाख में की जा रही है। जबकि बाजार मूल्य से 15 हजार रुपया की दर से इसे खरीदा जा सकता है। जिसकी कीमत मात्र एक करोड़ अस्सी लाख होगी। इसी प्रकार हाई मास्ट लाइट में पांच लाख रुपया की दर से 20 पीस खरीद की गई है। जिसकी राशि एक करोड़ हो रही है।

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जबकि इसे ढ़ाई लाख रुपया में खरीदा जा सकता था। आरोप है कि खरीद तीन से चार करोड़ में हो सकती थी। जबकि आठ से नौ करोड़ में खरीद कर जनता के पैसो की भारी लूट खसोट की गई है।


आरोप है कि पूर्व के सभापति अनीस अख्तर अन्यान्य में अपने घर पर सभा पुस्तिका मंगा कर खरीद का प्रस्ताव मनमाने ढंग से लिखवा लिया। वार्ड पार्षद कुमारी शीला समेत अन्य पार्षदों ने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

आरोप राजनीति से प्रेरित है। सभी आरोप बेबुनियाद व निराधार है। सामानों की खरीद क्रय समिति बनाकर की गई है। एलइडी की खरीद पूरे बिहार में कम दर पर यही पर की गई है।
अनीस अख्तर
पूर्व नप सभापति
नगर परिषद बेतिया

नगर परिषद के द्वारा सामानों की खरीद क्रय समिति बनाकर की गई है। साथ ही इसमें बाहर के भी पदाधिकारी शामिल रहे। वहीं, प्रस्ताव भी पारित है। इसमें कही से भी कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
डा. विपिन कुमार
कार्यपालक पदाधिकारी
नगर परिषद, बेतिया

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Written by Md Ali

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