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पश्चिमी चम्पारण जिले में हुई 13लोगो की मौत, बाढ़ में बाह कर आ रहे हैं जंगली जानवर.. पीड़ितों का हालत लाचार

पश्चिम चंपारण: उत्तर बिहार के अलग-अलग जिलों में बाढ़ में डूबने और सांप काटने से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से अधिकतर मौत डूबने के कारण हुई। 

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सबसे अधिक पश्चिमी चंपारण में बाढ़ से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में सोमवार सुबह चीनी मिल के समीप डूबने से चुलबुल दीक्षित (16) की मौत हो गयी है। वह शिकारपुर थाने के चेगौना निवासी गुड्डू दीक्षित का पुत्र था। वहीं साठी स्टेशन के आउटर सिग्नल के आगे रेलवे ट्रैक पार कर रहे 7-8 लोगों में सहोदरा थाने के जमुनिया निवासी 13-14 वर्ष का लड़का टूटे ट्रैक से नीचे गिर कर बह गया। सोमवार को उसका शव मिला। सिकटा में भी सांप काटने से एक की मौत हो गयी। इधर, तारा बसवरिया में रविवार को बहे ग्रामीण फरमान देवान के पुत्र हबीब देवान (5) का शव ग्रामीणों ने खोज निकाला। गांव के आठ लोग पानी में बह गए थे। इनमें से पांच के शव मिल चुके हैं। 

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प्रशासनिक अधिकारियों ने 13 लोगों की मौत की पुष्टि की है। पूर्वी चम्पारण जिले के पताही के नारायणपुर गांव में चंदेश्वर पासवान के पुत्र सतीश पासवान की मौत बाढ़ में घर गिरने से दबकर हो गयी। ढाका के जमुआ निवासी हसीन अख्तर का 17 वर्षीय पुत्र मो. मजीर व फेनहारा के गोविंदबारा का रवि कुमार सोनी (18) बाढ़ के पानी में बहने से लापता है। मधुबनी जिले डूबने से छह लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें पांच की मौत सोमवार को व एक की मौत रविवार को हुई। अंधराठाढी के गंगद्वार गांव में लक्ष्मेश्वर पासवान (75), बाबूबरही के गोट बरही में सुनीता देवी (45), बेनीपट्टी के माधोपुर गांव में अंकुर ठाकुर (16), बिस्फी के धजवा गांव में राहुल कुमार (12), लौकही के धरहारा गांव में रेखा कुमारी (16) व मधेपुर के सुनरी गांव में वहिसा खातून (14) वर्ष की मौत डूबने से हो गयी। इधर, लदनियंा के दोनवारी निवासी प्रहलाद यादव (12) की सांप काटने से मौत हुई। सीतामढ़ी जिले के परिहार थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव निवासी लालबाबू सहनी (40) व शिवहर जिले के शिवहर थाने के गड़हिया गांव में एक बच्चे की मौत हो गयी।

बाढ़ पीड़ितों को मिलेगा भरपेट भोजन

बगहा। बाढ़ पीड़ितों को गुड चूड़ा के जगह भोजन दिया जाएगा। 

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इसको लेकर डीएम, एसडीएम ने सभी सीओ, बीडीओ सहित अन्य कर्मियों को निर्देश दिया है। इसके लिए पदाधिकारियों ने पहल भी आरंभ कर दिया है। सोमवार को बगहा एक प्रखंड विकास पदाधिकारी शशिभूषण सुमन सीओ राजकिशोर साह ने वार्ड पार्षदों एव जनप्रतिनिधियों के साथ एक बैठक किया। बैठक में प्रभावित सभी वार्ड एवं गांव को चिन्हित करते हुए भोजन बनाने का निर्णय लिया गया। खाना बनाने में रसोईया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वयं सेवी संस्था को सहयोग लेने का निर्णय किया गया। गौरतलब हो कि लगातार बारिश के कारण नदियों में आए पानी से बाढ़ के कारण नगर सहित पूरे क्षेत्र में जल जमाव से बुरा हाल है। कई वार्ड और गांवों में पानी लोगो के घर में घुस गया है। 

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पूरा जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बैठक में वार्ड 35, 34,33, 27, 26,25 सहित अन्य कई वार्ड एवं गांवों को शामिल किया गया है। सरकारी स्कूलों में भोजन बनाते हुए राहत शिविर लगाते हुए बाढ़ पीड़ितों को खाना मुहैया कराने का निर्णय लिया गया। बैठक में राहुल ¨सह, सुभाष चौधरी, डा. राजू ¨सह आदि के साथ कर्मी उपस्थित रहे।

बाढ़ में बाह के आ रहे हैं जंगली जानवर 

नेपाल से बहकर वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर आए चार गैंडे

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नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश से जंगली जानवरों पर शामत आ गई है। बाढ़ के पानी में गंडक नदी के रास्ते नेपाल के जंगल से बहकर चार गैंडा वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर पहुंच गया। गंडक नदी में अधिक पानी छोड़े जाने के साथ फाटक खुला था। नेपाली गैंडा अलग-अलग दिशाओं की ओर गंडक नदी में बाढ़ के पानी में बहते हुए करीब 60 किलोमीटर दूरी तय कर बगहा के नरायणापुर घाट तक पहुंचा। गंडक नदी में बहकर गैंडा आने की सूचना मिलते ही डीएफओ अमित कुमार के नेतृत्व में वीटीआर के वनकर्मियों की टीम आईएफएस सह मदनपुर वन प्रक्षेत्र के प्रभारी रेंजर अभिषेक कुमार सिंह, रेंज अफसर आनंद कुमार, रेंज अफसर अवधेश प्रसाद सिंह सक्रिय हो गये। वनकर्मियों की टीम अलग-अलग जगहों पर सोमवार की दोपहर ववाल्मीकिनगर के चुनभट्ठा घाट तथा बगहा के नारायणपुर घाट के पास पहुंचकर गैंडों की खोजबीन करने में जुट गए हैं। इस घटना के संबंध मे पूछे जाने पर वन प्रमंडल दो डीएफओ अमित कुमार ने बताया कि गंडक नदी मे बहकर नेपाल से गैंडों के आने की सूचना मिली है। इस सूचना पर वनकर्मियों की टीम को भेजकर गैंडों की खोजबीन कराई जा रही है। डीएफओ ने बताया कि गैंडों की खोजबीन कर रहे टीम के द्धारा पता चला है कि गैंडा गंडक नदी में अलग-अलग दिशाओं की ओर बहकर आ गये है।इसमें एक गैंडा नरायणापुर बगहा के पास गंडक नदी मे गैंडा दिखाई दिया है। उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वनकर्मियों की टीम कोशिश कर रही है । इधर, मदनपुर वन प्रक्षेत्र के रेंज अफसर आनंद कुमार ने बताया कि गंडक नदी मे गेंडा दिखाई दिया है। उसे बाहर निकलने के लिए तैराक दल के साथ वनकर्मियों को लगाया गया है। रेंज अफसर ने बताया कि गंडक नदी में बाढ़ का उफान अधिक पानी होने के कारण गेंडा को बाहर निकालने मे वनकर्मियो की टीम को परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि अगर सबकुछ ठीक ठाक रहा तथा पानी का रफ्तार में कमी हुआ तो गैंडा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जायेगा। गंडक नदी से गैंडा को बाहर निकालने के लिए टीम भरपुर कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि गंडक नदी में गैंडा को देखने से प्रतित होता है, कि वो अभी जिन्दा है। उधर, रेंज अफसर अवधेश प्रसाद सिंह व वनपाल बीके पाठक के नेतृत में वनकर्मियों की टीम वाल्मीकिनगर व चुनभट्ठा के पास गंडक नदी में खोजबीन कर रहे है।

चार हिरणों को किया पुलिस के हवाले

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बाढ़ में बह कर आ रहे चार हिरणों को लोगों ने पकड़कर पुलिस को सुपुर्द कर दिया। रतनमाला निवासी चंदन यादन ने सोमवार को बाढ़ में बह कर आ रहे हिरण को देखा। जब हिरण नदी के किनारे पहुंची तो उन्होंने अपनी जान को जोखिम में डालकर हिरण को बचा लिया। हिरण को बचाने के बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। साथ में चंदन कुमार ने हिरण को पुलिस के हवाले कर दिया। इधर, नगर थानाध्यक्ष मो. अयूब ने बताया कि नदी में बह रहे तीन हिरण को पाया गया है। इसकी सूचना वन विभाग को दे दी गई। उन्होंने बताया कि बाढ़ में बह कर आ रहे कुल चार हिरणों को पकड़ा गया है। सभी सुरक्षित है। वहीं स्थानीय लोगों की इस पहल की काफी सराहना हो रही है।
और वहीं कुछ जानवर लोगो को नुकसान भी पहुंचने लगे हैं ,जंगल से भटक कर आया जंगली सूअर ने रामपुर चेक नाका निवासी लाल बाबू मुशहर पर सोमवार को हमला कर दिया। अचानक हमला देख कर वह शोर मचाने लगा। शोर सुन कर लोग आए और उसकी जान बचाया। बुरी तरह से घायल को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। कार्यरत चिकित्सक डा. एस.पी.अग्रवाल ने घायल का इलाज आरंभ किया। संवाद प्रेषण तक घायल युवक का इलाज अस्पताल में जारी है। बताते चलें कि आए दिन जगंली जानवर जंगल से भटक कर शहर की ओर रूख कर रहे है। अजगर, बंदर, भालू, तेंदुआ आदि बराबर लोगों पर हमला कर रहे है।



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