धुंध के वजह से रेलवे ने रद्द की आधा दर्जन ट्रेनें, यात्रियों को हो रही हैं परेशानी

धुंध के वजह से रेलवे ने रद्द की आधा दर्जन ट्रेनें, यात्रियों को हो रही हैं परेशानी 1


बेतियापूर्व मध्य रेलवे के नरकटियागंज-गोरखपुर रेलखंड पर चलने वाली आधा दर्ज़न ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है जिसके बाद बगहा,बेतिया और नरकटियागंज समेत दर्ज़न भर स्टेशनों पर सैकड़ों यात्री फंसे हुये हैं जानकारी के मुताबिक आज से लेकर अगले 12 फ़रवरी 2017 तक 55029, 55079, 55071, 55074, 55042 और 55082 अप और डाउन सवारी गाड़ियाँ रद्द कर दी गयी हैं !

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वहीँ गोरखपुर से नरकटियागंज को जाने वाली महज़ 3 ट्रेनें रात के 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ही यात्रियों को मील सकेंगी इसकी पुष्टि करते हुये बगहा में SS जय कुमार प्रसाद ने बताया की घने कोहरे के कारण समस्तीपुर मंडल से मिले आदेश के बाद इसे लागू किया गया है आपको बतायें की पिछले कुछ महीनों से इस रेलखंड पर पैसेंजर ट्रेने गोरखपुर से मुजफ्फरपुर व पाटलिपुत्रा को सीधा जाने के बजाय नरकटियागंज तक ही चल के रुक जा रही थी यात्रियों को नरकटियागंज से बेतिया मोतिहारी के रास्ते मुजफ्फरपुर व पाटलिपुत्र को जाने के लिये दूसरी ट्रेने बदलनी पड़ती थी जिसको लेकर बगहा विकास मंच व माले ने लगातार धरना-प्रदर्शन भी किये और विरोध अभी भी जारी हैं बावजूद इसके स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ गयी है अब 6 ट्रेनों के अचानक रद्द किये जाने से दैनिक यात्रियों की मुश्किलें काफी बढ़ गयी हैं वही गोरखपुर और बेतिया की ओर जाने वाले सैकड़ों यात्री घंटों से बगहा रेलवे स्टेशन पर फंसे हुये हैं कुछ यात्री तो वापस अपने घरों को लौटने लगे हैं तो कुछ भाड़े की गाड़ियों का सहारा लेने को मजबूर हैं कुछ यात्रियों की माने तो रेलवे ने इसकी कोई भी पूर्व सुचना नहीं जारी किया और तो और स्टेशनों पर पूछ-ताछ भी बेमानी साबित होने लगा है कोहरे की चादर में सिमटा स्टेशन परिसर और दुबके यात्रियों की कोई सुधि लेने वाला नहीं है वहीँ सप्त क्रांति सुपर फ़ास्ट समेत आधा दर्ज़न एक्सप्रेस ट्रेने घंटों बिलम्ब से चल रही हैं जिसके कारण भी रेल यात्रियों की मुश्किलें बढती ही जा रही है गोरखपुर से मुजफ्फरपुर को जोड़ने वाले इस रेल खंड पर एकाएक आधा दर्ज़न सवारी गाड़ियों को बगैर सुचना अचानक रद्द किये जाने से यात्री परेशान हाल हैं एक तो ठहराव स्थल में परिवर्तन कर पूर्व मध्य रेलवे ने पहले ही मुश्किलें खड़ी कर दी थी ऐसे में कोहरे और शीतलहर के कारणों का हवाला देकर करीब आधा दर्ज़न ट्रेनों को बंद करना बगैर इसकी बैकल्पिक व्यवस्था के जनहित में उचित नहीं है तो सवाल यह भी खडा हो रहा है की ट्रेनों के रद्द किये जाने और नई समय सारणी को स्टेशनों पर पूछ ताछ कार्यालय कर्मियों द्वारा आखिर लापरवाही और ऐसी बद इन्तजामी क्यों है इसका जवाब रेल महकमे को देना ही होगा………………….?

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