दूसरी शादी के लिए मना करने पर पति ने बीमार पत्नी को नदी में फेका

गोपालगंज: बेतिया जिले के एक पति ने पत्नी को उफनती गंडक नदी में फेंक दिया। रात में गंडक नदी में मछली पकड़ रहे मछुआरों ने महिला की जान बचाई। घटना के बारे में बताया जाता है कि पीड़ित बेतिया जिले के जोगिपट्टी थाना के डीही मदारपुर गांव निवासी उमेश यादव की पत्नी है। पति जीतेन्द्र यादव इलाज कराने के बहाने उसे गोपालगंज लेकर आया और दिन भर उसे इधर उधर घुमाता रहा।
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शाम होने के बाद उसे गंडक नदी के ऊपर बने जादोपुर मंगलपुर पुल के पास ले जाकर उफनती नदी में धक्का दे दिया, जिसे वह नदी में जा गिरी और बहती हुई जादोपुर थाने के हिरापकड़ गांव पहुंची। यहांं कुछ मछुआरे पहले से मछली मारने के लिए पहुंचे थे। महिला की बाचाओ बचाओ की आवाज सुनने के बाद मछुआरे नदी के बीचो बीच गये तो देखा कि महिला पानी में बहे जा रही है।
करीब 4 घंटे की कोशिश के बाद मछुआरों ने महिला को बचाया। कटघरवां पंचायत के मुखिया राजेश कुमार ने बताया कि रात के 9 बजे गांव के रमाशंकर सहनी, प्रहलाद सहनी, सुबह सहनी ओमप्रकाश यादव मछली मारने नदी में गए थे कि तभी एक महिला को बहते देखा।
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अवैध संबंध का विरोध करने पर पत्नी को नदी में फेंका

गोपालगंज: पश्चिमी चपारण जिले के  बेतिया स्थित योगीपट्टी थाना क्षेत्र के डीही मदारपुर गांव की महिला को पति व देवर ने मंगलवार की देर रात गंडक नदी में फेंक दिया और बाइक से फरार हो गये. महिला करीब तीन घंटे तक गंडक नदी में जीवन और मौत से खुद को बचाने में जूझती रही. बचाओ-अचाओ की आवाज सुन कर मेहंदिया हीरापाकड़ के चार मछुआरों ने उसकी जान बचायी. मौत के मुंह से निकली ममता देवी ने बताया कि  पति उमेश यादव दूसरी शादी करना चाहता था.
 
बेटी होने के बाद से ममता  पति के अवैध संबंध का विरोध करती थी. इसके कारण ही उसने हत्या की साजिश रची. मंगलवार को इलाज कराने के लिए मुझे बाइक से बेतिया  लाया गया. पति और देवर उसे दिन भर बाजार में इधर-उधर घुमाते रहे और रात में पुल से गंडक नदी में फेंक दिया.

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