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जीजा ने काम दिलाने के बहाने अॉर्केस्ट्रा में बेच दी अपनी साली। धड़ल्ले से हो रही लडकियों की तस्करी।।

जीजा ने काम दिलाने के बहाने अॉर्केस्ट्रा में बेच दी अपनी साली। धड़ल्ले से हो रही लडकियों की तस्करी।। 1


बेतिया: जीजा ने अपनी साली को नौकरी दिलाने का झांसा देकर बंगाल से बेतिया लाया और एक आर्केस्ट्रा कंपनी में बेचकर भाग गया। वहां उसने देखा कि छोटे-छोटे कपड़े पहनकर लोगों का दिल बहलाना पड़ता है और सबकुछ करना पड़ता है तो लड़की वहां से भागने का उपाय सोचने लगी।

      करीब एक महीने तक उसे आर्केष्ट्रा में काम करना पड़ा जहां हर रात उसे अपने जिस्म की नुमाइश करनी पड़ती थी। एक दिन वह मौका मिलते ही निकली और थाने पहुंची जहां से उसे महिला हेल्प लाइन में भेज दिया गया ।मंगलवार को महिला हेल्प लाइन ने काउंसेलिंग के बाद युवती को उसकी मां नूरजहां बीबी को सौप दिया है।
        घटना के संबंध में बताते हुए 19 वर्षीय सीमा उर्फ सैरुन निशा ने बताया कि वह बंगाल के बोरोपाड़ा की रहने वाली है। करीब एक महीने पहले उसका जीजा नौकरी दिलाने के नाम पर बेतिया लेकर आया और वहां योगापट्टी प्रखंड स्थित चमैनिया में संचालित विजय कुमार के आर्केष्ट्रा में छोड़कर भाग गया।
छोटे कपड़े पहनकर जिस्म की नुमाइश करनी पड़ती थी।
        सैरुन ने बताया कि जब वहां अन्य लड़कियों से काम के संबंध में पूछा तो उसने कहा कि यहां नाचना होगा। छोटे कपड़े पहनने होंगे, जिसके बाद सैरुन वहां से भागने के फिराक में लग गई। 24 दिसंबर को जब वह भाग कर चमैनिया चौक से टेंपो पर बैठी कर चली तो तो पीछे से आर्केंष्ट्रा संचालक व उसकी पत्नी ने उसे पकड़ने पहुंचे और उसे फिर से ले जाने लगे।
       उसने जब विरोध किया तो अन्य राहगीर व ग्रामीण जुट गए और पुलिस को फोन कर दिया। सूचना पर पहुंची मनुआपुल पुलिस उसे अपने साथ लाई और चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। इधर, चाइल्ड लाइन को जब ज्ञात हुआ कि लड़की बालिग है तो उसने महिला हेल्प लाइन को सौंप दिया।

पत्नी को भी आर्केस्ट्रा में बेच चुका है जीजा

सैरुन ने बताया कि उसका जीजा मो. अकलाख अपनी एक पत्नी शबनम को भी आर्केस्ट्रा में बेच दिया है। वह भी उस दलदल से बाहर निकलना चाहती है, लेकिन अधिक रुपये में बेची गई है जिसके कारण वहां से निकल नहीं पा रही। वहीं, दो अन्य लड़कियां भी है जो अपने शौहर के साथ रह रही है। सैरुन ने बताया कि आर्केस्ट्रा में आने के बाद उसका नाम बदल दिया गया। उसे सीमा कहकर बुलाना शुरू कर दिया।
धड़ल्ले से लाई जा रहीं हैं बंगाल व नेपाल की लड़कियां।

जिले में दर्जनों आर्केस्ट्रा अवैध तरीके से संचालित किए जा रहे हैं। लड़की तस्करी में शामिल कई गिरोह इसका फायदा उठाकर दर्जनों नेपाली व बंगाली लड़कियों को झांसे में लेकर यहां तक पहुंचा रहे हैं। जिसकी वजह से अवैध तरीके से संचालित आर्केस्ट्रा फल-फूल तो रहा है, लेकिन अश्लील व फूहड़ गानों व अंग प्रदर्शन के कारण समाज विकृत होता जा रहा है। इसका बुरा असर नाबालिग लड़कियों के साथ युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। जो समाज के लिए खतरा है।

एसपी ने थानेदार को लगाई फटकार।

युवती के बयान के मुताबिक जब लोगों की सूचना के बाद मनुआपुल पुलिस ने उसे अपने संरक्षण में लिया तो फिर बिना किसी बयान, प्राथमिकी व मेडिकल के ही चाइल्ड लाइन को सौंप देना संबंधित थानेदार को संदेह के कठघरे में खड़ा कर रहा है।
       उधर, जब इस बात की जानकारी एसपी विनय कुमार को लगी तो उन्होंने फोन पर ही थानेदार को जमकर फटकार लगाई और इस मामले में त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया। एसपी ने बताया अधिकारी द्वारा प्राथमिकी व मेडिकल नहीं करना शर्मनाक बात है। संबंधित अधिकारी को आदेशित किया गया है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
     अवैध रुप से संचालित आर्केस्ट्रा के मद्देनजर एसपी विनय कुमार ने कड़े रुख अख्तियार किए है। आए दिन लड़की तस्करी के मामले को देखते हुए एसपी ने एएसपी अभियान राजेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया है।
     एसपी ने निर्देश दिया है कि सभी थानों में एक पंजी खोली जाए, जिसमें थाना क्षेत्र में संचालित आर्केस्ट्रा संचालक अपने अधीन काम करने वाले कलाकारों की सूची, उनके उम्र, महिला व पुरुष की संख्या आदि की जानकारी अंकित कराएंगे। एसपी कुमार ने बताया कि एक अभियान के तहत जिले में संचालित सभी आर्केस्ट्रा संचालकों की सूची उपलब्ध कराई जा रही है। अवैध संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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एमसीआइ के सवालों से पूरे वर्ष जूझता रहा मेडिकल कॉलेज।।

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