चंपारण के लाल के काम को पीएम ने मन की बात में सराहा, जरूर पढ़ें..

नरकटियागंज: चंद लोग ही होते हैं जो समाज को दिशा देने का काम करते हैं। ऐसे ही एक युवक हैं नरकटियागंज के सियारही के साहिल कौसर। वे दोस्तों संग दिल्ली में भीख मांगने वाले बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।

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19 केंद्रों पर दो हजार भीख मांगने वाले बच्चों को शिक्षा दिया जा रहा है। इसके लिए साहिल ने दोस्तों संग मिलकर सेव चाइल्ड बेगर नाम से सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाया। इससे 55 हजार लोग जुड़े और दो घंटे का समय देकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। साहिल व उनके दोस्तों के इस काम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को मन की बात में सराहा है।
किसान रेयाज अहमद के बेटे साहिल कहते हैं कि वे बिहार विवि में ज्योलॉजी के पार्ट-2 का छात्र हूं। वे दिल्ली में तैयारी करने के साथ इवेंट ऑर्गेनाइजिंग में काम भी करते हैं। वे दोस्त विवेक मंजुनाथ, कुंदन कंसकर और जयसिंह संग पालिका बाजार के ऊपर पार्क में गप-शप करते थे। इस दौरान वे लोग बच्चों को भीख मांगते देख रहे थे। उन्हें लगा कि पांच-10 रुपये में उनका क्या होगा, इससे उनका भविष्य कहां जा रहा है? तब उनलोगों ने बच्चों को शिक्षित करने की योजना बनाई।

फर्स्ट फेज में पालिका बाजार, गीता कॉलोनी झुग्गी, खोड़ा गांव नोएडा, नागलोई, बारह खंभा रोड आदि जगहों पर केंद्र खोला। प्रतिदिन की एक्टिविटी को वे लोग सोशल मीडिया पर डालने लगे। इसके बाद देखते ही देखते 55 हजार लोग ग्रुप से जुड़ गए। वे लोग समय निकालकर बच्चों को पढ़ाने लगे। साहिल कहते हैं कि अगले 15 दिनों में 20 केंद्र और खुलेंगे। छह महीने में इसे बढ़ाकर सौ के पार ले जाने का लक्ष्य है। साहिल के इन्हीं कामों की वजह से रूस में अक्टूबर 2017 में हुए 19वें युवा एवं छात्र महोत्सव में भारत की ओर से नेतृत्व करने का मौका मिला। साउथ के एक चैनल ने इस पर डक्यूमेंट्री भी बनाई थी।
केंद्र चलाने को नहीं लेते चंदा : – साहिल कहते हैं कि केंद्र चलाने के लिए किसी से चंदा नहीं लिया जाता है। बल्कि लोग सीधा बच्चों को सामग्री, कपड़े आदि चीजें केंद्रों पर आकर दे जाते हैं। लोगों के दिए गए दो-दो घंटे में ही बच्चों की पढ़ाई पूरी हो जाती है।

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