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गांववालो देखलो, मैं निर्दोष हूं..फिर भी जेल भेजा जा रहा हूं।।

बगहा: सोमवार की सुबह यहीं कोई नौ बजे हैं। भपसा गांव में दलित उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार दो अभियुक्तों को छुड़ाने के लिए गांव में तैयारी चल रही है। जितने लोग उतनी तरह की रणनीति। कोई कहता है कि इस मामले में पुलिस ने दबंगई की है। झूठे मुकदमे को सही बनाकर निर्दोष लोगों को जेल भेजा जा रहा है तो कोई यह कह रहा है कि अगर इस अन्याय का विरोध नहीं हुआ तो पुलिस इसी तरह निर्दोष लोगों को किसी -किसी केस में फंसा कर जेल में ठूंस देगी। सर्वाधिक गुस्सा गांव के युवाओं में देखने को मिला। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस का काम जांच कर न्याय संगत कार्रवाई करने का होता है। निर्दोष को जेल भेजना नहीं। इस मामले में सरासर झूठी प्राथमिकी को ही सत्य मान कर पुलिस ने निर्दोष लोगों को पकड़ लिया। आखिरकार बात यहां आकर ठहर जाती है कि चलो मुखिया जी के घर। वहीं कोई निदान बताएंगे। फिर क्या था गांव के दर्जनों लोग दौनाहा मुखिया राम देनी मांझी के घर पहुंच जाते हैं। मुखिया को सारी बात बताते हैं और फिर मुखिया के नेतृत्व में ग्रामीणों की भीड़ थाने पर उमड़ पड़ती है।

गांववालो देखलो, मैं निर्दोष हूं..फिर भी जेल भेजा जा रहा हूं।। 1

पहले याचना, फिर फूटा गुस्सा

दलित उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपितों को थाने से मुक्त करने के लिए पहले ग्रामीणों ने याचना की। जब बात नहीं बनी तो उग्र हो गए। बताया जाता है कि ग्रामीण अभी थाने में ही जमे थे। इसी दौरान पुलिस दोनों अभियुक्तों को हथकड़ी लगा कर हाजत से बाहर निकाली। पुलिस जीप पर बैठाया गया। इस दौरान अभियुक्त दीनानाथ कुशवाहा ने कहा देख लो भाई लोग निर्दोष जेल जा रहे हैं। गांव के सभी लोग जानते हैं। दीनानाथ कुशवाहा की बात सुन लोग आपा से बाहर हो गए। हाथ में ईंट पत्थर उठा लिए। कई लोगों ने रोड़ेबाजी आरंभ भी कर दी। उसके बाद पुलिस सख्ती के साथ पेश आई तो सभी थाने से भागे।

पिता-पुत्र हिरासत में


थाने में सैकड़ों की भीड़ के साथ आए लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। इस मामले में जब पुलिस सख्ती के मूड में आई तो लोग भागने लगे। इसी दौरान पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए पिता पुत्र ललन कुशवाहा एवं सुमंत कुशवाहा ने बताया कि मैं और मेरा पुत्र सुमंत कुमार गिरफ्तार लोगों को खाना पहुंचाने के लिए थाना गए थे। इसी दौरान यह घटना घट गई। इस घटना के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। हम लोग खाना खिलाकर घर वापस लौट रहे थे। पुलिस गांव के लोगों को खदेड़ रही थी। इसी दौरान पुलिस ने हम लोगों को पकड़ लिया। बाद में जांच पड़ताल कर पुलिस ने दोनों को मुक्त कर दिया।

मैं रोकता रह गया ..

दौनहा मुखिया रामदेनी मांझी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा सूचना दी गई कि पंचायत के भपसा गांव से 2 लोगों को धनहा थाने की पुलिस गिरफ्तार कर थाना ले गई है। इसके बारे में पूछताछ करने के लिए थाना पहुंचा था। इसी दौरान गांव के कुछ लोग थाने में पहुंचकर पकड़े गए दोनों लोगों को जेल भेजने से रोकने लगे । जिसके बाद पुलिस एवं लोगों में थोड़ी बहुत तू तू मैं मैं हो गई। मैं रोकता रह गया लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था। ग्रामीण रामचंद्र कुशवाहा ने बताया कि गांव के लोगों द्वारा थाना पहुंचने की सूचना मिली थी। जिसके बाद मैं भी थाना गया था। गांव के लोग क्या करने वाले थे इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं थी।

थाने में नहीं थे थानेदार

धनहा के थानाध्यक्ष राजेश कुमार मौके पर नहीं थे। गांव के लोगों का भी कहना है कि अगर थानाध्यक्ष होते तो ऐसी घटना नहीं होती। गांव के लोगों की बात नहीं सुनी गई। बता दें कि थानाध्यक्ष राजेश कुमार किसी मामले के अनुसंधान को लेकर यूपी गए हुए थे। इसी दौरान गांव के लोग उग्र हो गए और थाने का घेराव कर लिया। पुलिस जीप से अभियुक्त को उतारने की कोशिश की।

खबर स्रोत: दैनिक जागरण

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