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कारोबारी से लूट के बाद हत्या, पुलिस तबातोड कर रही छापेमारी.. मुंशी हैं शक के घेरे में

बेतिया: चनपटिया के चूड़ा मिल कारोबारी रामजी प्रसाद के भाई भरथ जी प्रसाद की लूट के बाद गोली मार हत्या कर दी गयी है. 

कारोबारी से लूट के बाद हत्या, पुलिस तबातोड कर रही छापेमारी.. मुंशी हैं शक के घेरे में 1


जानकारी के मुताबिक रविवार की देर शाम अपराधियों ने इस घटना को अंंजाम दिया है. घटना उस वक्त हुई है, जब भरथजी प्रसाद सिकटा से वापस चनपटिया आ रहे थे. गोली उनके गर्दन में मारी गयी. अपराधियों ने बाइक पर सवार भरथ जी प्रसाद के साथ बाइक पर मौजूद मिल कर्मी मोहित को भी मारने की कोशिश की. हालांकि, वह भागने में सफल रहे. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेतिया एमजेके हॉस्पिटल भेज दिया . चनपटिया विधायक प्रकाश राय मौके पर पहुंच मामले का जायजा लिया और पुलिस को सख्त कार्रवाई करने की बात कही. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.

जानकारी के अनुसार, चनपटिया बाजार के वार्ड नंबर तीन निवासी उत्तम चंद प्रसाद के पुत्र रामजी प्रसाद चूड़ा मिल के कारोबारी हैं. इनके भाई भरथ जी प्रसाद(35) भी मिल में कार्य में सहयोग करते हैं. रविवार को भरथ जी प्रसाद अपनी बाइक से इनरवा थाना क्षेत्र के भंगहा में लहना वसूलने गये थे. बाइक पर मिल कर्मी चनपटिया निवासी मोहित कुमार भी सवार था. देर शाम सात बजे के करीब वह वापस बाइक से चनपटिया आ रहे थे. रास्ते में बलथर थाना के माझरपुल के समीप दो बाइक पर सवार छह अपराधियों ने इनकी बाइक ओवरटेक करते हुए रोक लिया और बाइक से उतरते ही कनपटी पर पिस्टल सटा दी. 

बताया जा रहा है कि लहना वसूलने की रकम लूटने के बाद अपराधी भागना चाहे. तभी भरथ जी प्रसाद ने इसका विरोध किया और लूटेरों से हाथापाई और शोर मचाना शुरू कर दी. शोर की आवाज सुनकर आस-पास के लोगों को आता देख लूटेरों ने पिस्टल से भरथ जी प्रसाद की गरदन में गोली मार दी. जबकि मोहित वहां से भाग गये. गोली लगते ही भरथ जी प्रसाद लहुलूहान होकर गिर पड़े और अपराधी वहां से भागने में सफल रहे. सूचना मिलते ही बलथर और सिकटा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर बेतिया अस्पताल लाया है. लूट की रकम को लेकर अभी खुलासा नहीं हुआ है. 
व्यवसायी हत्याकांड. पुलिस पूछताछ में बार-बार बयान बदल रहा मोहित
                       
                       …….चूड़ा मिल व्यवसायी रामजी प्रसाद के भाई भरथ जी प्रसाद की लूट के बाद हत्या के मामले की पुलिसिया जांच शुरू हो गयी है. व्यवसायी की लूट के बाद हत्या में पुलिस के शक की सुई मुंशी मोहित कुमार पर है, जो घटना के वक्त व्यवसायी के साथ मौजूद था. पुलिस मुंशी मोहित कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

मुंशी का बार-बार बयान बदलना उसपर पुलिस का शक बढ़ा रहा है. हालांकि पुलिस अभी कुछ भी बोलने से इनकार कर रही है. सूत्रों की माने तो व्यवसायी की हत्या में मुंशी का हाथ हो सकता है.

 फिलहाल इस मामले के खुलासे के लिए तेज तर्रार दारोगाओं को लगाया गया है. जिनकी जांच में प्रथमदृष्टया मुंशी मोहित पर शक गहराया है. पुलिस को मोहित की यह बात हजम नहीं हो रही है कि अपराधियों ने जब व्यवसायी को गोली मारी तो वह भाग कर खेत में छिप गया. जबकि अपराधियों की संख्या मोहित ने छह बताई है. ऐसे में मोहित की वहां से भाग कर छिप जाना कैसे संभव हो सकता है. 

   वहीं मोहित ने अपने बयान में यह भी कहा है कि गोली चलने की आवाज के बाद में जब वह लौटा तो वहां व्यवसायी भरथ जी प्रसाद लहुलूहान पड़े थे और डिक्की में रखा साढ़े तीन लाख रुपये गायब था. वहीं पुलिस का तर्क है कि यदि मोहित की इस बात को सच माने कि वह घटना के दौरान भागकर छिप गया था तो फिर वह वापस घटनास्थल पर कैसे और क्यू आया? कारण कि ऐसे मामलों में चश्मदीद काफी डर जाता है और भाग जाना ही मुनासिब समझता है. जबकि मोहित वहां से भागा नहीं, बल्कि घटनास्थल से व्यवसायी भरथ जी प्रसाद के भाई रामजी प्रसाद को फोन कर इसकी जानकारी दी और फिर मृत शरीर को लेकर बेतिया अस्पताल आ गया.

वहीं मोहित पर पुलिस के शक की तीसरी वजह यह भी है कि मोहित ने रामजी प्रसाद को फोन कर घटना की जानकारी आधा घंटे देर से दी. जबकि यदि उसके इस बात में सच्चाई है कि वह घटनास्थल से भाग कर खेत में छिप गया था तो वह छिपने के दौरान ही रामजी प्रसाद को फोन कर जानकारी दे सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. बल्कि मोहित के बयान के मुताबिक, जब वह वापस घटनास्थल पर पहुंचा तो वहां से रामजी प्रसाद को फोन किया. फिलहाल जांच में जुटी पुलिस मोहित कुमार से पूछताछ कर रही है. पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस जल्द ही इसका खुलासा कर सकती है. 

कारोबार से बेदखल हुआ था मोहित : इधर, मृत व्यवसायी भरथ जी प्रसाद के भाई रामजी प्रसाद ने बताया कि मुंशी मोहित कुमार उनके यहां पहले से काम करता था. लेकिन कुछ दिन पहले उसे कारोबार से हटा दिया था.

इधर, करीब एक साल पूर्व उनके अनुयय-विनय पर फिर उसे कार्य पर रखा गया. मोहित चनपटिया के वार्ड नंबर पांच के रहने वाले प्रेम साहू का पुत्र है. हालांकि इस मामले में मोहित की कितनी संलिप्तता है,

वह पुलिस की जांच के बाद ही सामने आ सकता है. हालांकि मोहित व इसके परिवार के लोग उसे इस मामले में संलिप्त नहीं मान रहे हैं..

दो साल पहले हुई थी भरथ जी प्रसाद की शादी, मचा कोहराम

व्यवसायी उत्तम प्रसाद के छोटे पुत्र व युवा व्यवासी भरथ जी प्रसाद की हत्या से नगर के लोग स्तब्ध हैं और परिवार में मातमी सन्नाटा है. पत्नी मनीषा का तो रो-रो कर बुरा हाल है. वह बार-बार बेहोश हो जा रही हैं.
 दो साल पहले ही भरथ जी प्रसाद की शादी साठी की रहनेवाली मनीषा से हुई थी. उनकी कोई संतान नहीं है. महज 30 साल की उम्र में ही भरथ जी प्रसाद के चले जाने से पत्नी मनीषा अपने भाग्य को कोस रही हैं. वहीं बड़े भाई रामजी प्रसाद भी बदहवास हो चुके हैं. बता दें कि मां शारदे चावल चिवड़ा मिल की ख्याति है. इसको मृतक भरथ जी प्रसाद और उसके बड़े भाई रामजी प्रसाद चलाते थे. बड़ा भाई मिल के बाहर कारोबार का प्रबंधन संभालते तो उनका भरथ मिल संभालता था।।

स्रोत : प्रभात खबर,
सभार : मिशु कुमार

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आखिर कब तक..उही बर्बाद होता रहेगा बेतिया राज।।

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