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अच्छी खबर: नये साल को इको पार्क के रूप में जिलेवासियो को मिलेगा तोहफा।

वाल्मीकिनगर: पर्यटन के क्षेत्र में जल संसाधन विभाग भी वन विभाग की तर्ज पर इतिहास लिखने को आमादा है। नए साल में पर्यटकों को जल संसाधन विभाग इको पार्क का तोहफा देने जा रहा है।

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नए साल में बाल्मीकिनगर आने वाले पर्यटकों को बाल्मीकिनगर का फिजा बदला-बदला सा नजर आएगा। अब बाल्मीकिनगर की खूबसूरत वादियों के साथ-साथ इको पार्क का भी आनंद उठा सकेंगे पर्यटक। गंडक बराज अंचल वाल्मीकि नगर के अधीक्षण अभियंता अभय नारायण ने बताया कि गेस्ट हाउस के सामने लगभग 10 करोड़ की लागत से इको पार्क का निर्माण होने जा रहा है।
 इसके साथ ही प्री इंजीनियर्ड (प्री फैब्रिकेटेड) सूट का निर्माण होगा। गेस्ट हाउस का फेस्ड इंप्रूवमेंट कार्य एवं गेस्ट हाउस बाल्मीकि नगर से होटल बाल्मीकि बिहार तक सड़क पुनर्निर्माण आदि शामिल है। बताते चलें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 8 जनवरी 2017 के बाल्मीकि नगर आगमन के क्रम में गंडक बराज एवं उसके अवयवों के निरीक्षण एवं उक्त क्रम में दिए गए निर्देश के आलोक में विभागीय पत्रांक 151 दिनांक 11 जनवरी 2017 के द्वारा दिए गए आदेश का अनुपालन में इसे तैयार किया गया है।

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निर्देशानुसार गेस्ट हाउस बाल्मीकिनगर के सामने इको पार्क के निर्माण कार्य के अंतर्गत बाउंड्री वॉल, गेट, गार्ड रूम, शौचालय, टिकट बूथ, कार पार्किंग, दुकान, वाच टावर, मेडिटेशन हट, परगोला, पेरिफेरल, लाइटिंग, लैंड स्केपिग इत्यादि का प्रावधान किया गया है। वही गेस्ट हाउस बाल्मीकिनगर के छत पर प्री इंजीनियर्ड ( प्री फैब्रिकेटेड ) ) सूट एवं गेस्ट हाउस के फर्श में टाइल्स एवं फेस्ड इंप्रूवमेंट आदि कार्य का प्रावधान किया गया है । यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो नया साल में पर्यटक किसी हिल स्टेशन के जैसा जैसा आनंद वाल्मीकि नगर में ही उठा सकेंगे ।


इसके लिए सभी प्रशासन एक तैयारियां पूरी कर ली गई है । वहीं लगभग चार करोड़ की लागत से गंडक शिविर बाल्मीकि नगर के अंतर्गत पड़ने वाले पहुंच पथ जिसकी कुल लंबाई 8070 मीटर हैं की मरम्मत किये जाने की योजना है। बताते चलें कि गंडक कॉलोनी वाल्मीकि नगर के आवासीय कॉलोनी, ऊपरी शिविर, ई टाईप कॉलोनी, एन पी सी सी कॉलोनी, गोल चौक, एफ टाइप कॉलोनी तथा गोल चौक से विभिन्न आवासों को जोड़ने वाली सड़के तथा अतिथि भवन तक जाने वाली सड़कों की स्थिति काफी दयनीय एवं जर्जर अवस्था में है। बाल्मीकिनगर आने वाले पर्यटकों को जर्जर सड़कों से असुविधा का सामना करना पड़ता था। यह सभी जल संसाधन विभाग के कॉलोनी बाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के निकट होने तथा भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित होने के कारण यहां पर्यटकों एवं अति विशिष्ट पदाधिकारियों का आगमन होता रहता है । ऐसे में सड़कों के निर्माण से पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।

बनेगा मेडिटेशन हट
वाल्मीकिनगर के मनोहारी दृश्य का दीदार करने के लिए यहां आने वाले पर्यटकों के लिए मेडिटेशन हट बनाया जाएगा। ताकि पर्यटक यहां के एडवेंचर का आनंद उठाने के साथ – साथ प्रदूषण मुक्त फिजा में योग भी करें। सुबह की सैर करने वाले एवं योग करने वालों के लिए यह बेहद उपयोगी व्यवस्था होगी। यहां मेडिटेशन हट बना कर विभाग पर्यटकों को आकर्षित एवं लाभान्वित करने की दिशा में सोच रही है।

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