अगर ये बन जाता, तो 24घंटे बेतिया/पश्चिमी चम्पारण में रहती बिजली

अगर ये बन जाता, तो 24घंटे बेतिया/पश्चिमी चम्पारण में रहती बिजली 1

बेतिया: पश्चिम चम्पारण के बैरीया प्रखंड में मथौली जल विद्युत परियोजना, बिहार राज्य जल विद्युत निगम लिमिटेड के द्वारा पिछले पाँच वर्षों से निर्माणाधीन है। तीन साल से निर्माण कार्य ठप है। 

शुरूआती दिनों में काफी तेजी से इसमें काम हो रहा था और बेतिया तथा बेतिया के आसपास के इलाको में 24घंटे बिजली देने की भी बात कही जा रही थी। वहाँ पे करोड़ों का समान धुल फाँक रहा है, कितने कीमती सामाने सड़-गल गये हैं।

अगर ये बन जाता, तो 24घंटे बेतिया/पश्चिमी चम्पारण में रहती बिजली 2


बिहार सरकार और यहाँ के प्रियतम साँसद महोदय के उदासीनता के कारण यह निर्माण कार्य सालों से ठप पडा है। अगर ये फिर से बनना..

और बन जाने से बेतिया तथा इसके आसपास के इलाके में बिजली कि कमी दूर हो जाती, यहाँ तक के हाई-वोल्टेज के साथ जीले में 24घंटे बिजली मिलती।

अगर ये बन जाता, तो 24घंटे बेतिया/पश्चिमी चम्पारण में रहती बिजली 3


हमारे आदरणिये सांसद महोदय और विधायक अगर एक साथ सारे राजनिति के बातो को एक तरफ रख के कुछ दिनों के लिए बस बेतिया तथा पश्चिमी चंपारण के विकाश करने के बारे में सोचते तो शायद ये सारे काम जो के कितनो सालो से राजनीतिक तथा लापरवाही के वजह से फँसे हुए हैं, वो ख़त्म हो जाते!

                                और बेतिया के साथ साथ जीले का भी विकाश होता।
एक बात कभी समझ नहीं आई मुझे के जब किसी शहर/जिले में 2अलग-अलग राजनितिक दल के नेता हो, तो दोनों साथ में काम क्यूँ नहीं कर सकते??
जब दोनों का उद्देश्य उस जगह का विकाश ही करना हैं तो??

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